SECONDARY MEMORY
यह main memory के बाद प्रयोग की जाने वाली memory होती है। यह इस्थाई memory होती है। अर्थात इस memory में store data computer के बंद होने के बाद भी मौजूद रहता है।secondary memory में main memory की अपेक्छा अधिक data को store किया जा सकता है।परंतु यह memory main memory की अपेक्छा slow होती है। और यह memory सस्ती होती है।
Magnetic disk
इस प्रकार के secondary storage में एक ऐसी disk का प्रयोग किया जाता है जिसमे magnetic परत चढ़ी हुई होती हैं इस प्रकर के disk में read और write करने का कार्य एक read/write head के माध्यम से किया जाता है।
ये निम्न दो प्रकार के होते है।
1 FLOPPY DISK
2 HARD DISK
FLOPPY DISK
पहली FLOPPY DISK का अविष्कार 1960 दशक के अंतिम समय में किया गया तथा यह 1970 के शुरूआती दशक में बाजार में बिकने के लिए आया। FLOPPY DISK उस समय का चमत्कारी आविष्कार था जो काम आज PEN DRIVE द्वारा किया जाता था वही काम उस समय FLOPPY DISK द्वारा किया जाता था। अर्थात किसी FLOPPY DISK में कोई भी DATA को STORE कर सकते थे उसको मिटा कर उसमें पुनः DATA STORE कर सकते थे इनका प्रयोग किसी FILE को एक इस्थान से दूसरे इस्थान तक ले जाने के लिये,किसी FILE का BACKUP लेने के लिए,किसी SOFTWARE को एक इस्थान से दूसरे इस्थान ले जाने के लिए किया जाता था। जिस जगह COMPUTER में FLOPPY DISK को लगाया जाता था उसे FLOPPY DISK DRIVE कहा जाता था ।जिस प्रकार आज के समये CD को लगाने के लिए आज हर COMPUTER में CD DRIVE होते है ठीक इसी प्रकार उस समय FLOPPY को लगाने के लिए FLOPPY DISK DRIVE होते थे। किसी FLOPPY DISK में अधिकतम 1.44MB DATA को STORE किया जा सकता था। FLOPPY DISK में एक DISK के ऊपर MAGNETIC OXIDE का लेपन होता है। यह DISK PLASTIC के COVER के अन्दर होती है। FLOPPY DISK में READ व WRITE करने का कार्य READ/WRITE HEAD के माध्यम से किया जाता है। ये बहुत जल्दी खराब हो जाती थी तथा इसकी STORAGE CAPACITY कम होने के कारण यह बाजार से गायब हो गई।
HARD DISK
यह सबसे ज्यादा POPULAR तथा सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली SECONDARY MEMORY है।आज के समय में सभी COMPUTERS में HARD DISK लगी हुई होती है।HARD DISK सबसे विश्वसनीय SECONDARY STORAGE है।इसमें DATA सालो तक सुरक्षित रहता है।इस DISK के ऊपरी तथा निचली दोनों तरफ लिखा जा सकता है। HARD DISK में कई DISK को एक साथ PIPE में लगा दिया जाता है जिसे CENTRAL SHAFT कहते है ये SHAFT DISK को घुमाने का काम करता है । HARD DISK में एक ARM लगा हुआ होता है जिसमे READ/WRITE HEAD लगा हुआ होता है। इस READ/WRITE HEAD के माध्यम से HARD DISK में DATA को STORE किया जा सकता है तथा STORE DATA को पढ़ा जा सकता है। किसी भी DATA को पढ़ने या लिखने की गति HARD DISK के घूमने की गति के ऊपर निर्भर रहती है।जितनी तेजी से कोई DISK घूमेगी उतनी तेज़ी DATA को READ या WRITE किया जा सकता है।एक DISK में तीन भाग पाये जाते है TRACK, SECTOR, CLUSTER. DISK का सबसे छोटा भाग TRACK से लिखना START होता है।दो या दो से अधिक TRACK मिलकर SECTOR बनाते है तथा दो या दो से अधिक SECTOR मिलकर CLUSTER बनाते है।
OPTICAL DISK
OPTICAL का अर्थ होता है प्रकाश।हमने पढ़ा की HARD DISK में जहाँ DATA को READ तथा WRITE करने का काम READ/WRITE HEAD के माध्यम से किया जाता था वही OPTICAL DISK में यह कार्य प्रकाश के माध्यम से किया जाता है। FLOPPY DISK की खामियों के कारण OPTICAL DISK का अधिक प्रयोग होने लगा।ये कहा जाना अतिशियोक्ति नहीं होगी की OPTICAL DISK के कारण ही FLOPPY DISK बाजार से गायब हुई। OPTICAL DISK में किसी भी DATA अर्थात IMAGE, VIDEO, MUSIC, FILES आदि को STORE कर सकते हैं।इनकी STORAGE CAPACITY 700MB से 4.30 GB तक होती है।ये आकार में बहुत छोटी तथा एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में आसान होती है।ये निम्न प्रकार की होती हैं।

CD(COMPACT DISK)
CD के आते ही FLOPPY DISK धीरे धीरे बाजार से गायब हो गई कियोंकि CD FLOPPY DISK के मुकाबले ज्यादा STORAGE CAPACITY वाली होती है। तथा CD FLOPPY के मुकाबले ज्यादा समय तक DATA को सुरक्षित रख सकता है।CD में हम DOCUMENT FILES, MUSIC आदि को STORE कर सकते है लेकिन CD में VIDEO को STORE नहीं कर सकते।
CD-R( COMPACT DISK- RECORDABLE)
इस प्रकार की CD में एक बार यदि DATA को STORE कर दिया जाता है तो उस DATA को FORMAT करने के बाद उस DISK को पुनः उपयोग में नहीं लाया जा सकता। इस प्रकार की CD में सिर्फ एक बार DATA को WRITE कर सकते है लेकिन उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं।
CD-RW(REWRITABLE)
इस प्रकार की CD में DATA को बार बार लिखा जा सकता है तथा उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं। अर्थात इस प्रकार की CD में DATA को WRITE करने के बाद उसे FORMAT करके उस DISK को पुनः उपयोग में लाया जा सकता है। इस प्रकार की CD का प्रयोग OFFICE में DOCUMENT को रखने के लिए किया जाता है। तथा ये CD CD-R के मुकाबले महंगी होती है।
VCD (VIDEO COMPACT DISK)
VCD एक समय OPTICAL DISK की सबसे प्रचलित SECONDARY STORAGE DEVICE थी।इसमे हम किसी भी FILE, MUSIC यहा तक की किसी VIDEO को स्टोर कर सकते है।इसकी STORAGE CAPACITY 700MB तक होती है।ये निम्न दो प्रकार की होती है।
VCD -R(VIDEO COMPACT DISK-RECORDABLE)
इस प्रकार की CD में एक बार यदि DATA को STORE कर दिया जाता है तो उस DATA को FORMAT करने के बाद उस DISK को पुनः उपयोग में नहीं लाया जा सकता। इस प्रकार की CD में सिर्फ एक बार DATA को WRITE कर सकते है लेकिन उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं।
VCD-RW(REWRITABLE)
इस प्रकार की CD में DATA को बार बार लिखा जा सकता है तथा उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं। अर्थात इस प्रकार की CD में DATA को WRITE करने के बाद उसे FORMAT करके उस DISK को पुनः उपयोग में लाया जा सकता है। इस प्रकार की CD का प्रयोग OFFICE में DOCUMENT को रखने के लिए किया जाता है। तथा ये CD CD-R के मुकाबले महंगी होती है।DVD(DIGITAL VIDEO DISK)
DVD को हम DIGITAL VIDEO DISK भी कह सकते है। यह सबसे उन्नत OPTICAL DISK है। इसकी STORAGE CAPACITY VCD तथा CD से 6 गुना ज्यादा होती है।इनकी STORAGE CAPACITY 4.3GB होती है। ये VCD के मुकाबले ज्यादा समय तक चलती है।इसमें STORE DATA सुरक्छित तथा लंबे समाये तक चलता है। DVD VCD के मुकाबले महँगी होती है।

DVD-R(RECORDABLE)
इस प्रकार की CD में एक बार यदि DATA को STORE कर दिया जाता है तो उस DATA को FORMAT करने के बाद उस DISK को पुनः उपयोग में नहीं लाया जा सकता। इस प्रकार की CD में सिर्फ एक बार DATA को WRITE कर सकते है लेकिन उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं।
DVD-RW(REWRITABLE)
इस प्रकार की CD में DATA को बार बार लिखा जा सकता है तथा उस DATA को कई बार पढ़ सकते हैं। अर्थात इस प्रकार की CD में DATA को WRITE करने के बाद उसे FORMAT करके उस DISK को पुनः उपयोग में लाया जा सकता है। इस प्रकार की CD का प्रयोग OFFICE में DOCUMENT को रखने के लिए किया जाता है। तथा ये CD CD-R के मुकाबले महंगी होती है।MAGNETIC TAPE
MAGNETIC TAPE को CARTRIDGE TAPE भी कहते है। आपने अपने घरों में TAPE की कैसेड तो जरूर देखी होगी MAGNETIC TAPE भी कुछ उसी प्रकार दिखता है। MAGNETIC TAPE में एक फीते के ऊपर MAGNETIC परत चढ़ि होती है। इन फीतो अर्थात RIBBON में DATA को 0,1 के FORMAT में STORE किया जाता है MAGNETIC TAPE REWRITABLE होते है अर्थात इसमे DATA को लिखकर,उसे मिटाकर तथा DATA को पुनः लिखा जा सकता है। MAGNETIC TAPE का उपयोग DATA को पुनः लिखा जा सकता है। MAGNETIC TAPE का उपयोग DATA का BACKUP लेने के लिए किया जाता है।
ZIP DRIVE
ZIP DRIVE का प्रयोग HARD DISK के DATA का BACKUP लेने के लिए किया जाता है।ये DISK हल्की, मुलायम तथा PORTABLE होती है।ZIP DRIVE से यह फायदा होता है की किसी HARD DISK का बड़ा DATA बिना उस HARD DISK को CPU से निकले कही पर भी ले जा सकते है।ZIP DRIVE का प्रयोग DATA का BACKUP लेने के लिए किया जाता है।MEMORY CARD
ये बोलना अतिशियोक्ति नहीं होगी की आज के समय में HARD DISK के बाद सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली SECONDARY STORAGE DEVICE MEMORY CARD है। इसमें DATA को बड़े मात्रा में लंबे समय तक STORE कर सकते है। ये REWRITABLE होते है। इसमें DATA को मिटा कर पुनः लिखा जा सकता है। MEMORY CARD का प्रयोग आज के समय में MOBILES, CAMERA तथा उन छोटी छोटी DEVICES जिनमे DATA को STORE किया जाता है उनमें इनका प्रयोग होता है। ये आकार में एक नाख़ून के बराबर होते है।
FLASH DRIVE
FLASH DRIVE को PEN DRIVE के नाम से भी जाना जाता है।आज के समय में ये POPULAR SECONDARY STORAGE DEVICE है। इसका आकार अपनी छोटी ऊँगली से भी आधी होती है फिर भी इसमें 2GB से लेकर 128GB तक DATA को STORE किया जा सकता है। इसमें रखा DATA कई सालों तक सुरक्षित रहता है। ये हल्की तथा अधिक PORTABLE होती है। इसकी कीमत 200 रुपयों से लेकर हज़ारो रुपयों तक होती है।FLASH DRIVE के माध्यम से DATA एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जा सकते है ।लेकिन FLASH DRIVE आज के समय में VIRUS फैलाने का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है।
Comments
Post a Comment